मैं अभी कक्षा 10 में हूँ और यह ब्लॉग सिर्फ कविता शायरी के लिए यह ब्लॉग
बनाया है | मैं एसके माध्यम से आप तक अपनी रचनाएँ भी पाहुचने की कोशिस
करुंगाँ |
यह ब्लॉग सिर्फ कविता और शायरी के लिए बना है |
शुरू करने से पहले मैं आप को यह बताना चाहूँगा की कविता का वास्तविक अर्थ क्या है ?
वैसे आप को अर्थ तो कई मिल जाएगे लेकिन जो सबसे छूटा और सरल है तथा मुझे पसंद है वो है
क - कल्पना
वि - विचार
ता - तालमेल
तो कल्पना और विचार का ताल मेल ही कविता कहलाता है |
लिखने का सफर बहुत पहले और कम उम्र मे ही शुरू हो गया था मुझे याद है पहली दो पंगतिओ की कविता मई ने कक्षा ५ में लिखी थी | फिर अब तक लिख रहा हूँ , कुछ अनुभवी कवियों से फेस्बूक पर बात की तो उनहो ने कुछ राय देने क बजाए बस कहा लिखते रहो |
मैं ने भी उनकी बात मानी और लिख रहा हूँ | जो कुछ लिखा मै ने उसे आप तक पाहुचने का प्रयास करता हूँ |
मेरी जिंदगी उलझनों से भरी है तो मै ने लिखा -
१- यहाँ किस्से में किस्सा है मेरी जिंदगी भी एक किस्से का हिस्सा है \
मैं एक मिसरा शेर का , तू दूसरा हिस्सा है
औरों के लिए जीना मारना सीख ले
क्यू की कुछ पाना और खोना तो जीवन किस्से का हिस्सा है |
- स्वामी चरण सिंह
ये तो हो गई मुक्तक की बात लेकिन मैं ने कई और कविताएं भी लिखी वो आप अगले ब्लॉग में पढ़ेगे |
तब तक मेरी और कविताएं और रचनाए पढ़ने के लिएय फेस्बूक पगे लाइक कीजीए- https://www.facebook.com/Shayarloak-by-swami-singh-143155326093824/?fref=hovercard
फिर मिलेगे अगले ब्लॉग मे |
यह ब्लॉग सिर्फ कविता और शायरी के लिए बना है |
शुरू करने से पहले मैं आप को यह बताना चाहूँगा की कविता का वास्तविक अर्थ क्या है ?
वैसे आप को अर्थ तो कई मिल जाएगे लेकिन जो सबसे छूटा और सरल है तथा मुझे पसंद है वो है
क - कल्पना
वि - विचार
ता - तालमेल
तो कल्पना और विचार का ताल मेल ही कविता कहलाता है |
लिखने का सफर बहुत पहले और कम उम्र मे ही शुरू हो गया था मुझे याद है पहली दो पंगतिओ की कविता मई ने कक्षा ५ में लिखी थी | फिर अब तक लिख रहा हूँ , कुछ अनुभवी कवियों से फेस्बूक पर बात की तो उनहो ने कुछ राय देने क बजाए बस कहा लिखते रहो |
मैं ने भी उनकी बात मानी और लिख रहा हूँ | जो कुछ लिखा मै ने उसे आप तक पाहुचने का प्रयास करता हूँ |
मेरी जिंदगी उलझनों से भरी है तो मै ने लिखा -
१- यहाँ किस्से में किस्सा है मेरी जिंदगी भी एक किस्से का हिस्सा है \
मैं एक मिसरा शेर का , तू दूसरा हिस्सा है
औरों के लिए जीना मारना सीख ले
क्यू की कुछ पाना और खोना तो जीवन किस्से का हिस्सा है |
- स्वामी चरण सिंह
ये तो हो गई मुक्तक की बात लेकिन मैं ने कई और कविताएं भी लिखी वो आप अगले ब्लॉग में पढ़ेगे |
तब तक मेरी और कविताएं और रचनाए पढ़ने के लिएय फेस्बूक पगे लाइक कीजीए- https://www.facebook.com/Shayarloak-by-swami-singh-143155326093824/?fref=hovercard
फिर मिलेगे अगले ब्लॉग मे |
No comments:
Post a Comment